सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टर से रैली स्थल पर जाने के तय प्लान के अलावा सड़क मार्ग के वैकल्पिक रूट चार दिन पहले ही तय कर लिए गए था। एक दिन पहले पंजाब पुलिस और एसपीजी ने पूरे मार्ग पर रिहर्सल भी की थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है। तीन सदस्यीय समिति का नेतृत्व सुधीर कुमार सक्सेना, सुरक्षा सचिव कैबिनेट सचिवालय करेंगे और इसमें आईबी के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और एसपीजी के आईजी एस सुरेश शामिल होंगे।
समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उधर बठिंडा से फिरोजपुर के रास्ते में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर स्थिति साफ होने लगी है। प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टर से रैली स्थल पर जाने के तय प्लान के अलावा सड़क मार्ग के वैकल्पिक रूट चार दिन पहले ही तय कर लिया गया था।
पंजाब पुलिस जिम्मेदारी से बच नहीं सकती
एक दिन पहले पंजाब पुलिस और एसपीजी ने पूरे मार्ग पर रिहर्सल भी कर ली थी। यह भी साफ हो गया है कि खुद पंजाब के डीजीपी ने सड़क मार्ग से प्रधानमंत्री के काफिले को जाने की हरी झंडी दी थी।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर तय प्रोटोकाल के हिसाब से चूक के लिए पंजाब पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के कहा, गृह मंत्रालय ने इस मामले में पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है और जल्द ही इस पर कड़े और बड़े फैसले लिए जाएंगे।
क्या हरी झंडी पंजाब पुलिस महानिदेशक ने दी थी
खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर से प्रधानमंत्री के जाने के संभावना नहीं होने के बाद एसपीजी के महानिदेशक ने पंजाब पुलिस के महानिदेशक से सड़क के रास्ते प्रधानमंत्री की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बात की थी। पंजाब पुलिस महानिदेशक से हरी झंडी मिलने के बाद ही एसपीजी ने सड़क से जाने की योजना बनाई थी।
क्या सुरक्षा इंतजाम पर हुआ था मंथन
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े उच्च पदस्थ, बठिंडा से फिरोजपुर के बीच वैकल्पिक सड़क मार्ग से जाने के लिए पंजाब पुलिस और एसपीजी के बीच एक और दो जनवरी को हुई एडवांस सिक्यूरिटी लाइजनिंग (एएसएल) की बैठक में सुरक्षा इंतजाम को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। बैठक में खुफिया रिपोर्टों पर विचार किया गया था जिनमें प्रधानमंत्री के काफिले को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की बात कही गई थी।
क्या प्लान अचानक बना था ?
इसके आधार पर एएसएल रिपोर्ट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने पर जोर दिया गया था। एएसएल बैठक के बाद चार जनवरी को पूरे रूट पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिहर्सल भी की गई थी। इससे साफ है कि बठिंडा से फिरोजपुर तक सड़क मार्ग से प्रधानमंत्री का प्लान अचानक नहीं बना था, बल्कि पहले से इसकी पूरी तैयारी थी।
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